नगरपालिका सभा गृह बड़नगर में हुई शांति समिति की बैठक-


 



  चुन्नीलाल परमार


बड़नगर ( उज्जैन ) उज्जैन जिलें के बड़नगर के नगरपालिका सभा गृह में एसडीएम डाक्टर योगेश तुकाराम भरसट एवं थाना प्रभारी श्री दिनेश प्रजापति के द्वारा, दिनांक 18 अगस्त को ,आगामी दिनों में आने वाले हिन्दू मुस्लिम के त्यौहारों को देखते हुए,शांति समिति की बैठक आहूत की गयी थी,। जिसमें हिन्दू मुस्लिम के साथ अन्य धर्मावलंबियो के सम्माननीय सदस्य गण भी आमंत्रित / उपस्थित हुए थें । वंही मिडीया भी आमंत्रित था ।


 



 


एसडीएम डाक्टर योगेश तुकाराम भरसट द्वारा, उपस्थित नागरिकों को कोरोना संकट को देखते हुए इससे निपटने के लिए तथा इसे नियंत्रण के लिए शासन द्वारा उठाये गए एहतियात निर्देशों से अवगत करवाया गया , तथा यह भी बताया की गणपति जी की मूर्ति अपने घरों में ही विराजमान करवायें, तथा घर में ही सादगी पूर्ण पुजा अर्चना करें ।,एसा ही सुझाव मुस्लिम वर्ग के लिए ताजिये के लिए भी दियें । शासन /प्रशासन के निर्देशों के अनुसार ,किसी भी दशा में गणेश विसर्जन ओर ताजियो को नदी तालाबों में विसर्जित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, ना ही किसी प्रकार का जलसा / जुलूस निकालने की अनुमति दी जायेगी ना ही गणेश जी की मूर्ति ओर ताजियो को सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित करने की अनुमति दी जायेगी,। यदि इसके बावजूद भी किसी ने नियम तोडने का प्रयास किया तो, नियम तोडने वालों पर विधि अनुसार सख्त कार्यवाही की जावेगी । थाना प्रभारी दिनेश प्रजापति द्वारा बताया गया की ,दुकानों पर छह इंच से अधिक उंची गणेश जी की मूर्ति विक्रय प्रतिबंधित हैं ।, बावजूद इसके कोई दुकानदार बडी मूर्ति बेचते पाया गया तो , दुकानदार को सख्त कार्यवाही का सामना करना पडेगा ।


शासन के निर्देशों से हिन्दू ओर मुस्लिम दोनों वर्गों के कुछ सदस्य खपा दिखाई दिये, दोनों संप्रदाय के सदस्यों ने, मीडिया को बताया कि, ताजिये को तय समय अवधि पश्चात विसर्जन करना मजहब सम्मत आवश्यक है ओर यही व्यवस्था गणपति विसर्जन के लिए भी आवश्यक है ।


सरकार को अपने आदेश पर पुनः विचार करना चाहिए ।


सदस्यों की नाराजगी जायज भी हैं,जहाँ पर देश प्रदेश के सासंद विधायक मंत्री सम्मिलित होते हैं, वहां पर शासन प्रशासन के नियम शिथिल हो जाते हैं, क्या वहां पर कोरोना डरकर भाग जाता है? जबकि आम लोगों के लिए सख्त पाबंदी!! होती हैं । शासन को अपनी कथनी और करनी में अंतर नहीं रखना चाहिए।कोरोना महामारी किसी को भी नहीं बक्शती हैं सो सावधान सब को रहना है ओर शासन के निर्देशों का पालन भी सख्ती से करना हैं जान हैं तो जहान है सदस्य संख्या निश्चित करते हुए, गणेश विसर्जन ओर ताजियो के विसर्जन के लिए ,अनुमति देने पर विचार शासन/ प्रशासन को करना ही चाहिए ।


आयोजकों को भी, परंपरा के नाम पर कोरोना संक्रमण के बवंडर में, लोगों की जान को झोंकने से बाज आना चाहिए ।


मिली जुली प्रतिक्रिया - बुद्धिजीवियों का मत है कि, रूढियों और परंपरा के निर्वहन नाम पर ,विश्व व्यापी महामारी कोरोना के हंसते पिशाच हवन कुंड में, आहुति देने से हम स्वयं को बचाना चाहिए तथा सोशल डिस्टेन्स का पालन करते हुए, घरों में सुरक्षित रहना चाहिए ।, यह महामारी किसी को भी नहीं बक्श रही है ।


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