कोरोना महामारी में त्रि स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का योगदान -



(चुन्नीलाल परमार ) 


बड़नगर / वैसे तो ,आपातकाल में देश के आंतरिक शांती सुरक्षा के लिए कभी कभी सेना को भी मोर्चा संभालना पडता है ओर संभाला भी हैं ।


 


🔷 कोरोना काल भी देश अशांति से जुदा दोर से नहीं गुजरा हैं, हाँ देश के निवासियों ने अपने दर्द को आंखो से उकेरा ओर आँसुओ से व्यवस्था को कोसा हैं ,बावजूद अपनी धैर्यता को बनायें रखा । 


 


🔷कहावत हैं न अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता यह सब संभव हुआ है त्रि स्तरीय पंचायती राज के तीनों सोपानों के विवेकशिल अधिकारी ओर कर्मचारियों के बल बूते पर ,किन्तु अफसोस हैं इसका श्रेय सारे वे जन प्रतिनिधि ले जा रहें हैं , जो कोरोना महामारी से भयभीत होकर भूमिगत रहे हैं ।


 


🔷 जनप्रतिनिधियों में यदि देखा जाये तो ग्राम पंचायतों की पुरी बाडी कोरोना से दो दो हाथ करती रही ,वहीं जनपद स्तरों से मुख्य कार्यपालन अधिकारीयो का धैर्य पूर्ण कुशल मार्गदर्शन ओर हिम्मत के साथ श्रेष्ठ कार्यों की सराहना ग्राम पंचायत अमले के लिए उर्जा प्रदान करती रही हैं ।


 


🔷 अपवाद स्वरूप अधिकारीयों के कंही कंही दबाव समंझ अभाव में अधिनस्थो के ऊपर अधिक रहें होंगे ,। 


 


🔷 कहावत हैं अंकुश बिन चले ना हाथी यदि माहवत श्रेष्ठ हैं तो , हाथी भरे बाजार में भी हाथी की चाल पर ही चलेगा ,माहवत को हर मर्तबा अंकुश लगाने के आवश्यकता ही नहीं लगती है ! 


 


🔷 खैर, प्रथम ओर द्वितिय सोपान में सशक्त कर्तव्य निर्वहन किया, ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक / सचिव / एडीओ /पीसीओ /बीपीओ / मनरेगा स्टाप के साथ कार्यालयीन स्टाप सीईओ के खास संहयोगी रहें हैं । 


 


🔷 वहीं जन प्रतिनिधियों में ग्राम पंचायत के पंचो से लगाकर सरपंच ।


 


🔷 द्वितिय सोपान के जनप्रतिनिधियों की भागीदारी तो कंही दृष्टिगोचर हुई नहीं है ।


 


🔷 इन दोनों पायदानों को मजबूती प्रदान की हैं ,जिला पंचायत में पदस्थ मुख्य कार्यपालन / अतिरिक्त मुख्यकार्यपालन अधिकारी ओर संहयोगी अधिकारीयों ने ।


 


🔷 यह निश्चित हैं की ,कलेक्टर / एसपी ने ,त्रि स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के मैदानी अमले का आंकलन ,सेना के द्वितिय विकल्पों के रूप में कर लिया है ।


 


🔷 गहन अफसोस हैं हमें, इस विश्व स्तरीय कोरोना महामारी ने ,त्रि स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के दो पीसीओ एक बीपीओ ओर सीईओ के जीवन को नहीं बक्षा हैं ।


 


🔷 हमारे दिवंगत साथी अधिकारीयों के मामलों में कितनी सद्भावना हमारे वरिष्ठ अधिकारियों की रहती हैं यह हमें देखकर हमें आत्म चिंतन ओर मंथन अवश्य करना होगा ।


 


🔷 वरिष्ठालयो &वरिष्ठअधिकारियों से आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास हैं कि कोरोना से लडते लडते अपने परिवार को हमेशा के लिए अल विदा कह गयें यौद्धाओ को योद्धा का दर्जा देते हुए कोरोना योद्धा रिलीफ फंड से त्वरित भुगतान करायेंगे ।


 


🔷 उम्मीद यह भी हैं हमें, दिवंगत त्रि स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था कर्मचारी अधिकारीयों को मरणोपरांत कोरोना यौद्धासे विशेष दिवस पर शौर्य पत्र से पुरुस्कृत किया जावे,,


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