बड़नगर तहसील के अंचलों में निल गायो का आतंक-


बड़नगर तहसील के अंचलों में निल गायो का आतंक-


   ( चुन्नीलाल परमार ) 


बड़नगर /( उज्जैन ) वैसे प्रकृति पर सभी प्राणियों का अधिकार है,चूंकि प्राणी मात्र में मनुष्य विवेकशिली होने के कारण, प्राणी मात्र में मनुष्य श्रेष्ठ होता है । इसलिए प्रकृति पर वह अपना अधिकार सबसे अधिक जताता हैं ।


🔷 औद्योगीकरण एव बढती आबादी के कारण, प्रकृति की सौन्दर्य छटा विभिन्न प्रकार के जिव जंतु भी अव्यवस्थित हो गयें हैं ।


🔷 नील गायें जो की दुर्गम पहाडियों में रहती थी ,सरकार की गलत नीतियों के कारण ,किसानों की फसलो को चौपट कर रही है ।


🔷 एसा ही वाकिया बड़नगर तहसील के गांव सुनेडा के कृषक कैलाश चंद्र,रूप सिंह,उमराव सिंह राठौर एवं ईश्वर लाल पारेगी ने बताया हैं ।


🔷 गांव सुनेडा में नील गायों का आतंक चरम सीमा पर है एक एक झूँठ में 50 से 60 की संख्या में नील गायों का झूँठ रहता है, जिस भी किसान के खेतों में पडता है, पुरे खेत की फसल चौपट कर देता है । 


🔷 कृषक एक तो महंगाई की मार झेल रहा है, वहीं फसलों के ना उचित दाम मिल रहें हैं, ओर उपर से नील गायों का आतंक ।


🔷 शासन को चाहिए की नील गायों के आतंक से किसानों को निजात दिलाने के लिए कोई माकूल व्यवस्था शिघ्र करें ।


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